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Andhvishwas (Hindi) | अंधविश्वास by Acharya Prashant | Why We Believe Without Question
Andhvishwas (Hindi) | अंधविश्वास by Acharya Prashant | Why We Believe Without Question
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तथ्यों की उपेक्षा और मान्यताओं को अंगीकार करने के फलस्वरूप मानवता सदियों से अंधविश्वासों की चपेट में रही है और उनके दुष्परिणाम झेलती रही है। अंधविश्वास ने व्यक्ति के जीवन को डरा-सहमा और संकुचित बना डाला है। जादू-टोना, तन्त्र-मन्त्र, भूत-प्रेत, अदृश्य शक्तियाँ, ज्योतिष व हस्तरेखा — इन तमाम सामाजिक विद्रूपताओं की मूल वजह अंधविश्वास ही है। आज के समय की विडम्बना ये है कि शिक्षा और विज्ञान में तरक्की के बावजूद भी लोग अंधविश्वास की गिरफ्त से उबर नहीं पा रहे। साउंड ऑफ साइलेंस, पॉज़िटिव एनर्जी और पॉज़िटिव वाइब्रेशन तथा नारियल फोड़ने जैसी मान्यताओं को आज भी पढ़ा-लिखा समाज मान रहा है। आज के पढ़े-लिखे वर्ग में भी अंधविश्वास इतना व्यापक क्यों है? अंधविश्वास का समूल समाधान क्या है? इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के समुचित उत्तर ही अंधकार की ओर बढ़ रही इस पूरी मानवता को बचा सकते हैं। प्रस्तुत पुस्तक के माध्यम से आचार्य प्रशांत ने इन तमाम झूठी और दुष्प्रचारित मान्यताओं का खंडन किया है और आत्मज्ञान संचालित वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया है।
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